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उत्तर- राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी) वन टू वन निधि अंतरण को सुकर बनाने वाली एक राष्ट्रव्यापी भुगतान प्रणाली है। इस योजना के अंतर्गत व्यक्ति, फर्म और कॉर्पोरेट, योजना में भाग लेने वाले किसी भी ऐसे व्यक्ति, फर्म या कॉर्पोरेट को किसी भी बैंक शाखाओं से इलेक्रॉनिक रूप से निधि अंतरण कर सकते हैं, जिनका देश में किसी अन्य बैंक शाखा में खाता होता है ।

उत्तर- एनईएफटी निधि अंतरण नेटवर्क का हिस्सा होने के लिए किसी भी बैंक शाखा को एनईएफटी-सक्षम होना चाहिए। एनईएफटी में भाग ले रही बैंक-वार शाखाओं की सूची भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट http://www.tbi.org.in/secreipts/neft.aspt पर उपलब्ध है । 

उत्तर: जी, नहीं । एनईएफटी के उपयोग से अंतरित की जा सकने वाली निधि की न्यूनतम या अधिकतम राशि संबंधी कोई सीमा नहीं है ।

उत्तर- एनईएफटी प्रणाली में निधि अंतरण अनुरोधों का निपटान आधे घंटे के अंतराल पर किया जाता है। सप्ताह के सभी कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक 23 आधे घंटे की निपटान बैच चलत हैं (माह का दूसरा और चौथा शनिवार छोड़कर)। 

उत्तर- आईएफएससी या भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड शब्द-सांख्यिकी कोड है जिसके द्वारा एनईएफटी प्रणाली में भाग लेने वाली बैंक-शाखा की विशेष रूप से पहचान की जाती है । यह एक 11 अंकों वाला कोड होता है और एनईएफटी प्रणाली द्वारा इसका प्रयोग मूलरूप से लेनदेन शुरू करने वाले/गंतव्य बैंकों/शाखाओं को चिन्हित करने और संबंधित बैकों/शाखाओं को उचित रूप से संदेश भेजने के लिए किया जाता है।

उत्तर- एनईएफटी में भाग ले रही सभी बैंक-शाखाओं के पास आईएफएससी की बैंक-वार सूची उपलब्ध है। एनईएफटी में भाग ले रही बैंक-वार शाखाओं की सूची और उनके आईएफएससी कोड भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं । सभी बैंकों का यह सलाह भी दी गयी है कि वे अपने ग्राहकों को जारी किए जाने वाले चेकों पर शाखा के आईएफएससी को प्रिन्ट करें। 

उत्तर- एनईएफटी के लिए ग्राहक पर लगाए जा सकने वाले प्रभाव का ढांचा आरबीआई की वेबसाइट पर दिया गया है ।

उत्तर- लाभार्थी लेनदेन का निपटान करने वाल बैच से दो व्‍यवसाय घंटों के भीतर एनईएफटी लेनदेन के लिए धनराशि क्रेडिट होने की आशा कर सकता है।

उत्तर- लाभार्थी खाते में क्रेडिट में विलम्ब या नॉन क्रेडिट के मामले में संबंधित बैंक के एनईएफटी ग्राहक सुविधा केन्द्र (सीएफसी) से संपर्क किया जा सकता है (प्रेषक अपने बैंक के सीएफसी से संपर्क कर सकता है; लाभार्थी अपने बैंक के सीएफसी से संपर्क कर सकता है)। बैंकों के एनईएफटी ग्राहक सुविधा केन्द्रों के विवरण संबंधित बैंकों की वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं । ये विवरण भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।

उत्तर- निजी निधि अंतरण के अलावा, एनएईएफटी प्रणाली का प्रयोग विविध प्रकार के लेनदेन के लिए किया जा सकता है, जिसमें कार्ड जारीकर्ता बैंकों के लिए क्रेडिट कार्ड की बकाया राशियों का भुगतान, लोन की ईएमआई इत्यादि का भुगतान शामिल हैं। ऐसे मामलों में आवश्यक है कि प्रेषणकर्ता ग्राहक, कार्ड जारीकर्ता बैंक या ऋण संवितरण बैंक द्वारा विनिर्दिष्ट आईएफएससी कोड और खाता संख्या उपलब्ध कराए ।

उत्तर:: जी, नहीं । एनईएफटी एक क्रेडिट पुश प्रणाली है अर्थात् किसी लाभार्थी को भुगतान करने/ निधि अंतरण करने/प्रेषित करने के लिए ही भुगतानकर्ता/प्रेषणकर्ता/भेजने वाले द्वारा लेनदेन किया जा सकता है ।

उत्तर: जी, हां । लाभार्थी के खाते में सफलतापूर्वक निधि क्रेडिट होने के मामले में लेनदेने शुरू करने वाले बैंक से यह अपेक्षा की जाती है कि मूल रूप से लेनदेन करने वाले ग्राहकों को (एसएमएस या ई-मेल के जरिए) पुष्टि संदेश (कन्फरमेशन मैसेज) भेजे और क्रेडिट की तिथि और समय का भी उल्लेख करे। इसके लिए प्रेषणकर्ताओं को लेनदेन करते समय शाखा को अपना मोबाइल नम्बर ई-मेल आईडी उपलब्‍ध कराना आवश्यक है। 

उत्तर: इनईएफटी का प्रयोग करते हुए निधि अंतरण लेनदेन आगे बढ़ाने के लिए पूर्व-अर्हताएं निम्नानुसार हैं :  

लेनदेन प्रारम्भ करने वाली और गंतव्य बैंक शाखाओं को एनईएफटी नेटवर्क का भाग होना चाहिए ।

लाभार्थी का नाम, खाता संख्या और खाते का प्रकार, लाभार्थी के बैंक का नाम और आईएफएससी कोड, लाभार्थी का विवरण प्रेषक के पास उपलब्ध रहना चाहिए ।

ग्राहकों को लाभार्थियों को खाता संख्या देने में अपेक्षित सावधानी बरतनी चाहिए चूंकि एनइएफटी लेनदेन की प्रक्रिया के दौरान केवल एनईएफटी के माध्यम से प्रेषण के अनुदेश/संदेश में उपलबध कराई गई खाता संख्या के आधार पर ही ग्राहक के खाते में धनराशि क्रेडिट की जाएगी । 

उत्तर: निधि अंतरण के अन्य माध्यमों की तुलना में एनईएफटी के कई लाभ हैं, जो इस प्रकार हैं :

-       प्रेषक को लाभार्थी के पास वास्‍तविक चेक या डिमांड ड्राफ्ट भेजने की कोई जरूरत नहीं है ।

-       लाभार्थी को कागजी लिखत जमा करने हेतु अपने बैंक जाने की कोई आवश्यकता नहीं है ।

-       लाभार्थी को वास्तविक लिखत के खो जाने/चोरी हो जाने या धोखाधड़ी से संभावित नकदीकरण की कोई चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती है ।

-       लागत प्रभावकारी।

-       एसएमएस या ईमेल द्वारा भेजे गई धनराशि के क्रेडिट होने की पुष्टि ।

-       इंटरनेट बैंकिग के प्रयोग से भी प्रेषक अपने घर/कार्यस्थल से प्रेषण शुरू कर सकता है ।

-       सुरक्षित तरीकों से लाभार्थी के खाते में लगभग वास्तविक समय में निधि अंतरण ।