टोल फ्री
1800114000 OR 14404

समय: राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर सभी दिन(09:30 प्रात से 05:30 मध्याह्न तक )


उपभोक्ता सहायता पोर्टल (संस्करण 2.1)
उत्तर: पदनामित प्राधिकारी द्वारा, अंत्‍योदय परिवारों की पहचान के उपरान्‍त अंत्‍योदय परिवारों को अलग प्रकार के राशन कार्ड, जिन्‍हें “अंत्‍योदय राशन कार्ड” के नाम से जाना जाता है, जारी किए जाने चाहिएं। राशन कार्ड में अंत्‍योदय परिवार, राशन की मात्रा इत्‍यादि का आवश्‍यक विवरण दिया जाना चाहिए।
उत्तर: क्‍योंकि यह स्‍कीम निर्धनतम परिवारों के लिए है, अत: व्‍यक्ति को निम्‍नानुसार सम्‍पर्क करना चाहिए –
1. ग्रामीण क्षेत्रों में : गावों में रहने वाले व्‍यक्तियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए सादे कागज पर अपने परिवार के सदस्‍यों, आमदनी इत्‍यादि का ब्‍यौरा देते हुए पंचायत प्रधान से सम्‍पर्क करना चाहिए। ग्रामसभा द्वारा यह निर्णय लिया जाएगा कि परिवार स्‍कीम में शामिल किए जाने योग्‍य है अथवा नहीं। परिवारों के चयन के उपरान्‍त सूची को ग्रामीण विकास विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा अनुमोदित किया जाएगा और प्रधान/डीएफएससी द्वारा या खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता मामले विभाग द्वारा अनुमोदन के उपरान्‍त राशन कार्ड जारी किया जाएगा।
2. शहरी क्षेत्रों के लिए : शहरों में रहने वाले व्‍यक्तियों द्वारा अधिसूचित एरिया कमेटी को सादे कागज़ पर आवेदन देना होगा। परिवारों के चयन के उपरान्‍त सूची को शहरी विकास विभाग द्वारा अनुमोदित किया जाएगा और सम्‍बन्धित डीएफएससी/उस क्षेत्र के प्राधिकृत निरीक्षक द्वारा राशन कार्ड जारी किया जाएगा।

उत्तर: राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों में आबंटन और वितरण, गरीबी रेखा के नीचे (बी.पी.एल.) के परिवारों की पात्रता की पहचान, उन्हें राशन कार्ड जारी करना और उचित दर की दुकानों का पर्यवेक्षण तथा उनके कार्यकरण की निगरानी के संचालन का दायित्व संबंधित राज्य/संघ शासित क्षेत्र सरकारों का है। अतः,जब कभी भी किसी व्यक्ति विशेष और संगठनों तथा प्रेस रिपोर्टों के माध्यम से विभाग में शिकायतें प्राप्त होती हैं तो उन्हें जांच और उचित कार्रवाई के लिए संबधित राज्य/संघ शासित क्षेत्र सरकारों को भेज दिया जाता है। उपरोक्त पहलुओं से संबंधित किसी समस्या के मामले में, संबंधित राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति प्राधिकरणों से संपर्क किया जा सकता है। 
इसके अलावा, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत शिकायतों के प्रतितोष और दर्ज करने के लिए कुछेक राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों द्वारा टोल-फ्री हेल्पलाइन नम्बरों की स्थापना की गई है। टोल-फ्री तथा अन्य हेल्पलाइन नम्बरों स्थापित किए जाने के लिए संसूचित राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों की एक सूची अनुलग्नक में दी गई है। एन.एफ.एस.ए., 2013 में, जिला स्तर पर जिला शिकायत निवारण अधिकारी (डी.जी.आर.ओ.) तथा राज्य स्तर पर राज्य खाद्य आयोग (एस.एफ.सी.) को शामिल करते हुए एक द्वि-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र का प्रावधान भी है। 
राज्य-वार टोल-फ्री हेल्पलाइनों की जानकारी के लिए कृपया http://dfpd.nic.in/faq.html पर जाएं।

उत्तर: कोई व्यक्ति डाक सेवाओं के माध्यम से पत्र, पोस्ट कार्ड, पार्सल इत्यादि भेज सकता है, इसके साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय डाक सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।
उत्तर: डाक विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की वित्तीय सेवाएं जैसे डाक बचत योजना, डाक जीवन बीमा, म्यूचुअल फंड, आवर्ती जमा खाता, सामयिक जमा, डाक मासिक निवेश योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत योजना इत्यादि उपलब्‍ध कराई जाती हैं।
उत्तर: अधिकतम भार सीमा - पत्र के लिए 2 किग्रा; पंजीकृत पार्सल के लिए 4 किग्रा; तथा अपंजीकृत पार्सल के लिए 20 किग्रा है।
उत्तर: स्थानीय एवं महानगरों में डिलीवरी के लिए अधिकतम समय 2 कार्य दिवस तथा शेष भारत में डिलीवरी के लिए अधिकतम समय 4-6 कार्यदिवस है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय डाक के लिए लगने वाला अधिकतम समय 4-10 कार्य दिवस, कस्टम क्लीयरेंस में लगने वाले समय को छोड़कर, होता है।
उत्तर: उपभोक्ता अपने द्वारा अग्रेषित की गई डाक की जानकारी indiapost.gov.in पर ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है।
उत्तर: विलंब से पहुंचने वाली डाक के मामले में उपभोक्ता द्वारा दिए गए स्पीड पोस्ट शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाती है और यदि डाक खो जाए, चुरा ली जाए और पूर्ण रूप से नष्ट हो जाए तो उपभोक्ता को उसके द्वारा दिए गए शुल्क का दोगुना अथवा 1000/ रूपये, जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जाती है।

उत्तर: जी, हां। निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन, पंजीकृत पत्रों, मूल्य भुगतान योग्य पत्रों, पंजीकृत पार्सलों, मूल्य भुगतान योग्य पार्सलों के लिए बीमा प्रदान किया जाता है:

  • बीमा का मूल्‍य, बीमा की गई वस्तु की कीमत से अधिक नहीं होना चाहिए:
  • जब वस्तु तात्विक मूल्य की प्रकृति अर्थात् स्वर्ण और करेंसी नोट की हो, उनका बीमा सामग्री की वास्तविक कीमत के अनुसार किया जाना चाहिए।
  • वस्तु को मजबूत समानरूपी लिफाफे सील करके ताकि सील को तोड़े बिना इससे छेड़छाड़ न की जा सके अथवा किसी विशेष जलप्रतिरोधी और छेड़छाड़रोधी विशिष्ट लिफाफे में संलग्न किया जाना चाहिए।
उत्तर: डाक विभाग, उपभोक्ता को मनीआर्डर, त्वरित मनीआर्डर तथा अंतर्राष्ट्रीय मनी हस्तांतरण सेवाएं प्रदान करता है।
उत्तर: उपभोक्ता, मनीआर्डर द्वारा 5000/- रूपये तक, त्वरित मनीआर्डर द्वारा 1000-50000/- तक तथा अंतर्राष्ट्रीय मनी हस्तांतरण द्वारा 50,000/- तक की राशि भेज सकते हैं।
उत्तर: किसी सरकार अथवा स्वायत्तशासी निकाय के कर्मचारी डाक जीवन बीमा (पी.एल.आई.) के लिए पात्र है।
उत्तर: आवर्ती जमा, बैंकों द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवधि जमा का एक विशिष्ट प्रकार है जिसमें नियमित आय वाले व्यक्तियों को उनके आवर्ती जमा खातों में प्रत्येक माह एक निर्धारित राशि जमा करने तथा सावधि जमाओं पर लागू दरों पर ब्याज कमाने की सुविधा दी जाती है। यह, मासिक किस्तों में. किसी निर्धारित राशि के सावधि जमाओं के सृजन के समान है, उदाहरण के लिए 1000/- रूपये प्रति माह। यह जमा, प्रत्येक माह किए गए जमाओं सहित भविष्य में किसी निर्धारित तारीख पर परिपक्व हो जाता है।
उत्तर: ई-भुगतान, किसी व्यवसाय अथवा संगठनों के लिए उनके बिलों और अन्य भुगतानों का डाक नेटवर्क के माध्यम से संग्रहण करने का एक बेहतरीन विकल्प है। जब किसी व्यवसाय में देशभर से ग्राहकों से बिल और अन्य भुगतानों के संग्रहण की आवश्यकता होती है, डाक विभाग द्वारा, उनके लिए ई-भुगतान के रूप में, एक आसान एवं सुकर सुविधा प्रदान की जाती है। ई-भुगतान एक अनेक-से-एक उपाय है, जो किसी संगठन के लिए, धन (टेलीफोन बिल, बिजली बिल, परीक्षा शुल्क, कर, विश्वविद्यालय शुल्क, विद्यालय शुल्क इत्यादि) के संग्रहण की सुविधा प्रदान करता है। संग्रहण को वेब आधारित सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके समेकित किया जाता है तथा बिलर की पसंद के किसी विशिष्ट डाक कार्यालय में चेक के माध्यम से केंद्रीकृत रूप में भुगतान किया जाता है।
उत्तर: जी, हां। ऐसी सेवाएं, भारत में स्थित किसी भी डाक कार्यालय से दूसरे डाक कार्यालय में, एक लिखित आवेदन देकर, हस्तांतरण करने के योग्य हैं।