टोल फ्री
1800114000 OR 14404

समय: राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर सभी दिन(09:30 प्रात से 05:30 मध्याह्न तक )


उपभोक्ता सहायता पोर्टल (संस्करण 2.3)
जी हां, बीमा ओम्‍बड्समैन केवल आई.आर.डी.ए.आई. की साईट पर ‘हमसे सम्‍पर्क करें’ के अन्‍तर्गत दी गई भौगोलिक सीमाओं के दायरे में ही कार्य करते हैं।
किसी शाखा अथवा कार्यालय या बीमाकर्ता के विरूद्ध की गई शिकायत पर उसी बीमा ओम्‍बड्समैन द्वारा कार्रवाई की जाएगी, जिसके भौगोलिक क्षेत्राधिकार में वह शाखा अथवा कार्यालय या बीमाकर्ता अवस्थित है। तथापि, ग्रुप बीमा पॉलिसियों के मामले में, यह शिकायत उस बीमा ओम्‍बड्समैन से की जाएगी जिसके भौगोलिक क्षेत्राधिकार में शिकायतकर्ता का निवास स्‍थान आता हो।
कोई व्‍यथित व्‍यक्ति (यदि मृतक है तो पॉलिसी के अनुसार उसका (उसके) कानूनी उत्तराधिकारी) जिसने व्‍यक्तिगत: रूप से कोई बीमा पॉलिसी ली हो, ओम्‍बड्समैन से सम्‍पर्क कर सकता है।
दावों को पूर्णत: या अंशत: अस्‍वीकार करना, दावों के निपटान में देरी, पॉलिसियों के विधिक पहलुओं, जहां तक उनका सम्‍बन्‍ध दावों, भुगतान किए गए/किए जाने वाले प्रीमियम और बीमा दस्‍तावेज़ जारी न करने से है, के सम्‍बन्‍ध में किसी विवाद से सम्‍बन्धित शिकायतें।
शिकायत लिखित में, व्‍यक्तिगत रूप से अथवा डाक/फैक्‍स/ई-मेल द्वारा भी की जा सकती है (जिसकी लिखित या मुद्रित प्रति बाद में भेजी जाएगी)।
जी, हां। शिकायतकर्ता के अभ्‍यावेदन को बीमाकर्ता द्वारा निरस्‍त कर दिए जाने अथवा अभ्‍यावेदन के सम्‍बन्‍ध में बीमाकर्ता का अंतिम उत्तर प्राप्‍त होने के एक वर्ष के भीतर।
हां। ओम्‍बड्समैन द्वारा शिकायत पर कार्रवाई के लिए विवादित राशि की अधिकतम सीमा 20 लाख रूपये तक है।
जी, नहीं। कोई ऐसा शिकायतकर्ता, जिसने पहले से ही उपभोक्‍ता मंच/न्‍यायालय में उसी सम्‍बन्‍ध में मामला दायर कर रखा हो, ओम्‍बड्समैन से नहीं मिल सकता।

(क) किसी व्‍यक्ति द्वारा की जाने वाली शिकायत अनिवार्यत: ‘व्‍यक्तिगत’ बीमा के संबंध में और बीमा ओम्‍बड्समैन को बीमा ओम्‍बड्समैन स्‍कीम के तहत सौंपे गए कार्यों के अनुरूप होनी चाहिए।

(ख) बीमा कंपनी को एक अभ्‍यावेदन दिया जाना चाहिए और उनसे संतोषजनक उत्‍तर प्राप्‍त न होने अथवा कम से कम एक माह तक कोई उत्‍तर प्राप्‍त न होने पर अभ्‍यावेदन को अनुत्तरित माना जाएगा।

(ग) उपर्युक्‍त (ख) में उल्लिखित परिस्थितियों के उत्‍पन्‍न होने से एक वर्ष के भीतर शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए।

(घ) मांगी गई कुल राहत की राशि 20 लाख रुपये तक होनी चाहिए।

(ङ) शिकायत की विषय वस्‍तु को हाल ही में अथवा पहले कभी किसी न्‍यायालय/उपभोक्‍ता मंच में पेश न किया गया हो।

आवश्‍यक नहीं है, क्‍योंकि इसमें न्‍यायालय की औपचारिकताएं निहित नहीं हैं।
यदि दोनों पक्ष मध्‍यस्‍थता के लिए सहमत हों तों, ओम्‍बड्समैन द्वारा अपनी संस्‍तुतियां 1 माह के भीतर दे दी जाएंगी; अन्‍यथा, वह अपना निर्णय 3 माह में देगा।
जी, हां। मामले के गुणावगुण को देखते हुए ओम्‍बड्समैन, यदि उचित समझे, तो वह अनुग्रह राशि के भुगतान (ex-gratia award) का आदेश दे सकता है।
जी, हां। आवश्‍यकता पड़ने पर, ओम्‍बड्समैन द्वारा दोनों पक्षों की सुनवाई की जा सकती है।
जी, हां। सुनवाई मुख्‍यालय से बाहर, जहां अनुबद्ध हो, की जा सकती है।
जी, हां। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के किसी बीमाकर्ता के विरूद्ध जीवन बीमा और गैर-जीवन बीमा क्षेत्रों, दोनों के सम्‍बन्‍ध में शिकायतें दायर की जा सकती हैं।
जी, नहीं। क्‍योंकि बीमा ओम्‍बड्समैन द्वारा सिफारिश करना अथवा अवार्ड देना, दोनों, शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत के पूर्ण और अंतिम निपटान की स्‍वीकृति के अध्‍यधीन हैं। यदि ऐसी स्‍वीकृति पर सहमति नहीं बनती है तो शिकायतकर्ता द्वारा बीमा कंपनी के विरूद्ध कानून की सामान्‍य प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्‍त, बीमा ओम्‍बड्समैन द्वारा किसी शिकायत को निरस्‍त करने का अर्थ शिकायतकर्ता द्वारा बीमा कंपनी के विरूद्ध कानून की सामान्‍य प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करना नहीं है।
जी, हां। जहां अपेक्षित हो, संबंधित ओम्‍बड्समैन केंद्र के जनसूचना अधिकारी से निर्धारित प्रपत्र में अपेक्षित निर्धारित शुल्‍क सहित, जानकारी प्राप्‍त की जा सकती है। संबंधित ओम्‍बड्समैन केंद्र का अपीलीय प्राधिकार एक उच्‍च स्‍तरीय अधिकारी के पास होता है।

यदि आप अपनी बीमा कंपनी से असंतुष्‍ट है तो आप इसकी शाखा अथवा किसी अन्‍य कार्यालय, जिसके साथ आप व्‍यवहार कर रहे हैं, के विवाद प्रतितोष अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। आपके द्वारा अपनी शिकायत लिखित रूप में आवश्‍यक सहायक दस्‍तावेजों सहित प्रस्‍तुत की जानी अपेक्षित है। आपको अपनी शिकायत की पावती लिखित रूप में, तारीख सहित लेनी चाहिए। आपकी शिकायत पर, बीमा कंपनी द्वारा 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की जाएगी। यदि ऐसा नहीं होता है अथवा यदि आप उनके द्वारा दिए गए समाधान से संतुष्‍ट नहीं है तो आप उपभोक्‍ता मामले विभाग में आई.आर.डी.ए.आई. के विवाद प्रतितोष कक्ष से संपर्क कर सकते हैं (टॉल फ्री नंबर 155255 (अथवा) 1800 4254 732 पर संपर्क करें या complaints@irda.gov.in पर ई-मेल भेजें)।

एकीकृत विवाद प्रबंधन प्रणाली का उपयोग करने के लिए: अपनी शिकायत www.igms.irda.gov.in पर दर्ज कराएं और इसकी निगरानी करें, वैकल्पिक तौर पर आप अपनी शिकायत के साथ आई.आर.डी.ए.आई. को एक पत्र भेज सकते हैं। कृपया, शिकायत पंजीकरण फार्म को भरें और किसी पत्र अथवा संलग्‍नकों के साथ, यदि आवश्‍यक समझें, तो डाक अथवा कुरियर से महाप्रबंधक, आई.आर.डी.ए.आई. को निम्‍नलिखित पते पर भेजें:

महाप्रबंधक, 
उपभोक्‍ता मामले विभाग- विवाद प्रतितोष कक्ष, 
भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आई.आर.डी.ए.आई.),
3-5-817/818, युनाइटेड इंडिया टावर्स, नौवां तल, 
हैदरगुड़ा, बशीरबाग, 
हैदराबाद – 500002 

अधिक जानकारी के लिए कृपया http://www.policyholder.gov.in/Ombudsman.aspx देखें।