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समय: राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर सभी दिन(09:30 प्रात से 05:30 मध्याह्न तक )


उपभोक्ता सहायता पोर्टल (संस्करण 2.3)
  • बिल्‍डर के नाम समुचित हस्‍तांतरण पत्र की जांच करें।
  • बिल्‍डर के लाईसेंस/विकास के अधिकार/अनुमोदन की जांच करें।
  • परियोजना के स्‍पष्‍ट और विपणन-योग्‍य नाम की जांच करें।
  • आपके द्वारा किए गए भुगतान के लिए समुचित अलॉटमेंट पत्र/बिक्री एग्रीमेंट का निष्‍पादन सुनिश्चित करें।
  • सुनिश्चित करें कि क्‍या परियोजना का अनुमोदन प्रतिष्ठित वित्तीय कम्‍पनियों द्वारा किया गया है। इससे आपको ऋण लेने में सुविधा होगी।
  • सम्‍भावित नक्‍शा/भवन योजना देखें और अपार्टमेंट के निर्मित क्षेत्र की जांच करें। परामर्श दिया जाता है कि अपार्टमेंट के कारपेट क्षेत्र की जांच करें और पता लगाएं कि क्‍या निर्मित क्षेत्र और कारपेट क्षेत्र में अन्‍तर तर्कसंगत है।
  • स्‍वामित्‍व/ कम्‍पलीशन सर्टिफिकेट के बारे में पूछें।
  • सुनिश्चित करें कि पूरा भुगतान करने के बाद हस्‍तांतरण पत्र को पंजीकृत कर दिया गया है।
  • कोई सम्‍पत्ति खरीदने से पहले आपके द्वारा हस्‍तांतरण पत्र, नाम परिवर्तन प्रमाण-पत्र (निर्मित हो चुकी सम्‍पत्ति के सम्‍बन्‍ध में),भूमि के पंजीकरण की स्थिति, स्‍वीकृत योजना, सर्च रिपोर्ट और भुगतान कार्यक्रम (निर्माणाधीन सम्‍पत्ति के सम्‍बन्‍ध में) के बारे में पता लगाया जाना चाहिए । यह अनिवार्य है कि आप सम्‍पत्ति के उदभव, नाम‍ हस्‍तांतरण की श्रृंखला, स्‍वामित्‍व प्रमाण-पत्र, भवन योजना, अग्नि सुरक्षा के सम्‍बन्‍ध में कार्रवाई करने वाले विभिन्‍न प्राधिकारियों से स्‍वीकृति और कम्‍पलीशन प्रमाण-पत्र जैसे सभी दस्‍तावेजों को देख लें।
  • सम्‍पत्ति की पुन: बिक्री के सम्‍बन्‍ध में, नवीनीकरण के सम्‍बन्‍ध में डिमान्‍ड नोटिस, बकाया कर और पानी, बिजली तथा भू-कर आदि जैसी विभिन्‍न सेवाओं के लिए किए गए भुगतान की अद्यतन रसीदों की जांच कर लें।
कारपेट एरिया अपार्टमेंट का वह क्षेत्र है जिसमें दीवारों के क्षेत्र को शामिल नहीं किया जाता अर्थात अपार्टमेंट का वह क्षेत्र जो कारपेट से ढका जा सकता है। जबकि अपार्टमेंट के बिल्‍ड-अप एरिया में दीवारों से कवर होने वाला क्षेत्र शामिल होता है। सुपर बिल्‍ड-अप एरिया में लॉबी, लिफ्ट, सीढ़ीयां इत्‍यादि जैसे निर्मित क्षेत्र शामिल होते हैं। इसलिए, इस शब्‍द का प्रयोग केवल बहु-मंजिली इकाईयों, जैसे कि फ्लैट परिसरों के लिए किया जाता है।
संपत्ति का हस्‍तांतरण अधिनियम, 1882 की धारा 105 के तहत लीज़ को – संबंधित संपत्ति का एक पूर्व निर्धारित समय-अवधि अथवा निरंतर उपयोग करने के अधिकार के हस्‍तांतरण के रूप में परिभाषित किया गया है। लीज़ पर देने वाला (संपत्ति का स्‍वामी) लीज़ पर लेने वालों को (जो संपत्ति को लीज़ पर लेता है) प्राय: लीज़ एग्रीमेंट के आरंभ अथवा अंत में आवधिक रूप से देता है। लाइसेंस की परिभाषा भारतीय सुखाचार अधिनियम, 1882 की धारा 52 में दी गई है। लाइसेंस द्वारा, लाइसेंसधारक की ओर से परिसर के किसी भाग में किसी प्रकार के हित की अनुमति नहीं दी जाती। यह केवल लाइसेंसधारक को एक सीमित अवधि के लिए परिसर को प्रयोग करने और उसे अपने कब्‍जे में रखने का अधिकार देता है। लीज़ डीड को मुहरांकित और पंजीकृत कराया जाना आवश्‍यक है। लीज़ डीड के लिए भुगतान की जाने वाली स्‍टाम्‍प शुल्‍क की राशि लीव और लाइसेंस के लिए भुगतान की जाने वाली राशि से अधिक है। तीन वर्षों से अधिक की अवधि के लिए दोनों एग्रीमेंटों के लिए दिया जाने वाला स्‍टाम्‍प शुल्‍क एकसमान है।
किसी लीज़ एग्रीमेंट में अनेक विवक्षताएं होती हैं जैसे कि आपको स्‍टॉम्‍प शुल्‍क का भगतान करना होगा, लीज़ एग्रीमेंट को पंजीकृत कराना होगा इत्‍यादि। जो किसी पुराने भवन के किराएदारों के समूह को, सम्‍बन्धित भू-स्‍वामी से अनुमति लिए बिना, एक सोसायटी बनाने में सक्षम बनाता है। आप सहकारी समितियों के रजिस्‍ट्रार से मिल सकते हैं और विभिन्‍न प्रकार के सुसंगत दस्‍तावेज दायर कर सकते हैं।
कोई फ्री होल्‍ड संपत्ति फ्लैट वह जहां पूर्ण मालिकाना हक बिना शर्त होता है और लीज़ पर देने वाला/लेने वाला कोई नहीं होता।
स्‍टॉम्‍प शुल्‍क का भुगतान क्रेता द्वारा किया जाना होता है।
सम्‍पत्ति की मार्केटवैल्‍यू वह कीमत है जिस पर कोई इच्‍छुक क्रेता और विक्रेता संपत्ति को एक लेन-देन के रूप में हस्‍तांतरित करने पर सहमत हो जाती है। स्‍टाम्‍प शुल्‍क एक पूर्व निर्धारित दर पर अथवा एग्रीमेंट में उल्लिखित कीमत, जो अधिक हो, के आधार पर लिया जाता है।
यह उचित होगा कि मकान का मूल्‍यांकन प्रचलित कीमतों पर किसी प्रमाणित मूल्‍यांकनकर्ता से कराया जाए। संपत्ति के मूल्‍यांकन की रिपोर्टें वास्‍तुकारों अथवा किसी प्रमाणित मूल्‍यांकन विशेषज्ञ से प्राप्‍त की जा सकती हैं।
सबसे पहले अपनी समस्‍या के संबंध में बिल्‍डर को एक लिखित पत्र भेजा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करे कि कब्‍जा देने की तारीख के बारे में बिल्‍डर द्वारा दिए गए सभी आश्‍वासन उसके पत्र शीर्ष और मुहर युक्‍त लिखित रूप में है। यदि आपको यह लगता है कि बिल्‍डर द्वारा आपको निर्धारित समय अवधि के भीतर कब्‍जा नहीं जाएगा तो आप मध्‍यस्‍थता के लिए सी.आर.ई.डी.ए.आई. से संपर्क कर सकते हैं।
रीयल एस्‍टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी.आर.ई.डी.ए.आई.) एक संगठन है, जो रीयल एस्‍टेट डेवलपमेंट के व्‍यापार को स्‍व-विनियमित करने के लिए भारत के डेवलपरों एवं बिल्‍डरों द्वारा बनाया गया है। सी.आर.ई.डी.ए.आई. के सदस्‍यों में, देश के प्रमुख नगरों और राज्‍यों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले 112 संगठनों के 8500 से अधिक डेवलपर एवं बिल्‍डर शामिल हैं। सी.आर.ई.डी.ए.आई. का कार्यालय # 703, अंसल भवन, स्‍ट्रीट 16, कस्‍तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्‍ली-110001 में है।
सर्वप्रथम क्रेताओं को परियोजना और डेवलपर की पृष्‍ठभूमि की जांच करनी चाहिए। यदि संभव हो तो बाजार विशेषज्ञता रखने वाली और निष्‍पक्ष परामर्श देने के लिए विख्‍यात रीयल एस्‍टेट परामर्शी फर्म की सेवाएं ली जानी चाहिए। इसके अतिरिक्‍त, यदि आरंभिक स्थिति के दौरान न खरीद रहे हों तो भी किसी निवेशक को परियोजना के अनुमोदन की प्रतियां मांगने का अधिकार है। आपको निर्माण समय के पूरे ब्‍यौरे की जानकारी प्राप्‍त करनी चाहिए और परियोजना में देरी के मामले में लगाए जा सकने वाले दंड के संबंध में मोलभाव करना चाहिए। यदि कोई परियोजना बिल्‍डर - क्रेता एग्रीमेंट में निर्धारित समयावधि से विलंबित हो जाती है तो उपभोक्‍ता न्‍यायालय में मामला दायर करके धनराशि की वापसी का दावा किया जा सकता है।
रीयल एस्‍टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 भारतीय संसद द्वारा बनाया गया एक अधिनियम है जिसमें घर खरीदने वालो को संरक्षण प्रदान करने के साथ-साथ रीयल एस्‍टेट उद्योग में निवेश को बढ़ावा देने में मदद करने की परिकल्‍पना की गई है।
रीयल एस्‍टेट अधिनियम, ऐसी सभी वाणि‍ज्यिक और आवासीय रीयल एस्‍टेट परियोजनाओं पर लागू होता है जहां भूमि 500 वर्ग मीटर से अधिक है।
  • बाजार कीमतों के सम्‍बन्‍ध में व्‍यापक रूप से पता लगाएं और मोल-भाव करें।
  • बिल्‍डर के पक्ष में स्‍वामित्‍व के समुचित हस्‍तांतरण की जांच करें।
  • पता लगाएं कि सम्‍पत्ति में किसी प्रकार का अतिक्रमण तो नहीं है।
  • यदि सम्‍पत्ति का हस्‍तांतरण पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए किया जाना है तो यह जांच करें कि क्‍या अटार्नी धारक को सम्‍पत्ति बेचने का अधिकार है।
  • बिल्‍डर के लाईसेंस/विकास के अधिकार/अनुमोदन की जांच करें।
  • हमेशा पूरे और मूल दस्‍तावेजों के लिए जोर दें और खरीदी जाने वाली संपत्ति के स्‍वामित्‍व की जांच करें।
  • यदि मूल दस्‍तावेज उपलब्‍ध नहीं है तो उपलब्‍ध छायाप्रतियों से स्‍वामित्‍व की प्रति जांच करें। विकास प्राधिकरण/नगर निगम या तहसीलदार/उप रजिस्‍ट्रार के कार्यालय से स्‍वामित्‍व का सत्‍यापन करें।
  • अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगें, अर्थात् संपत्ति - नगर-निगम, करों, बिजली, पानी और सीवरेज इत्‍यादि के संबंध में सभी देय राशियों के भुगतान सहित सभी प्रकार के विवादों से मुक्‍त हो।
  • पता लगाए कि क्‍या संपत्ति किसी बैंक के पास गिरवी/दृष्टिबंधित तो नहीं है अथवा उसके संबंध में कोई सिविल/दांडिक विवाद तो नहीं है।
  • आपके द्वारा किए गए भुगतान के लिए समुचित अलॉटमेंट पत्र/बिक्री एग्रीमेंट का निष्‍पादन सुनिश्चित करें। पूरा होने की लक्षित तारीख सुनिश्चित करें।
  • कब्‍जे की तारीख, जब संपत्ति क्रेता को सौंपी जाएगी, सुनिश्चित करें।
  • सुनिश्चित करें कि क्‍या परियोजना का अनुमोदन प्रतिष्ठित वित्तीय कम्‍पनियों द्वारा किया गया है। इससे आपको ऋण लेने में सुविधा होगी।
  • पार्कों, सार्वजनिक सुविधाओं, बिजली, सड़कों, पानी और सीवरेज इत्‍यादि प्रावधान के संबंध में स्‍पष्‍टता होनी चाहिए, जिसे योजना में व्‍यापक रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए।
  • जांच करें कि क्‍या उपर्युक्‍त सुविधाओं के लिए क्रेता को अतिरिक्‍त प्रभारों का भुगतान करना होगा।
  • डेवलपर से संपत्ति की खरीद करते समय कारपेट एरिया, बिल्‍ड-अप एरिया और सुपर बिल्‍ड-अप एरिया, भुगतान की शर्तों की जांच करें और डिजाइन तथा सामग्री इत्‍यादि की तकनीकी विशिष्‍टताओं का पूरा अध्‍ययन करें।
  • सम्‍भावित नक्‍शा/भवन योजना देखें और अपार्टमेंट के निर्मित क्षेत्र की जांच करें। परामर्श दिया जाता है कि अपार्टमेंट के कारपेट क्षेत्र की जांच करें और पता लगाएं कि क्‍या निर्मित क्षेत्र और कारपेट क्षेत्र में अन्‍तर तर्कसंगत है।
  • स्‍वामित्‍व/ कम्‍पलीशन सर्टिफिकेट के बारे में पूछें।
  • दोनों पक्षों के हस्‍ताक्षरों के बिना कोई बिक्री पूर्ण नहीं होती।
  • यह सुनिश्चित करें कि विक्रेता के नाम से उसे चेकों/डिमांड ड्राफ्टों के माध्‍यम से किए गए सभी भुगतानों की समुचित रसीदें जैसे सेल डीड, बिक्री का एग्रीमेंट इत्‍यादि प्राप्‍त हो गए हों।
  • सुनिश्चित करें कि पूरा भुगतान करने के बाद हस्‍तांतरण पत्र को पंजीकृत कर दिया गया है।
  • सुनिश्चित करें कि पूरा भुगतान करने के बाद हस्‍तांतरण पत्र को पंजीकृत कर दिया गया है।
  • सम्‍पत्ति के उदभव, नाम‍ हस्‍तांतरण की श्रृंखला, स्‍वामित्‍व प्रमाण-पत्र, भवन योजना, अग्नि सुरक्षा के सम्‍बन्‍ध में कार्रवाई करने वाले विभिन्‍न प्राधिकारियों से स्‍वीकृति और कम्‍पलीशन प्रमाण-पत्र जैसे सभी दस्‍तावेजों की जांच करने का परामर्श दिया जाता है।
  • सम्‍पत्ति की पुन: बिक्री के सम्‍बन्‍ध में, नवीनीकरण के सम्‍बन्‍ध में डिमान्‍ड नोटिस, बकाया कर और पानी, बिजली तथा भू-कर आदि जैसी विभिन्‍न सेवाओं के लिए किए गए भुगतान की अद्यतन रसीदों की जांच कर लें।
  • सुनिश्‍चित करें कि पेश किया गया डिजाइन भूकम्‍प रोधी है।