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उपभोक्ता सहायता पोर्टल (संस्करण 2.3)
उत्तर: सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सरकार-प्रायोजित दुकानों की एक श्रृंखला है जिसे समाज के जरूरतमंद वर्गों को बहुत कम कीमतों पर आधारभूत खाद्य एवं गैर-खाद्य वस्तुओं के वितरण का कार्य सौंपा गया है। गेहूं, चावल, कैरोसीन, चीनी इत्यादि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित की जाने वाली कुछेक प्रमुख वस्तुएं है।
उत्तर: किसी क्षेत्र विशेष में स्‍थायी रूप से रहने वाला या ऐसी मंशा रखने वाला कोई व्‍यक्ति, घरेलू उपभोक्‍ता कार्ड (एचसीसी), जिसे आमतौर पर स्‍थायी राशन कार्ड (पीआरसी) के रूप में जाना जाता है, जारी करवा सकता है, बशर्ते कि उसके पास या उसकी ओर से किसी अन्‍य व्‍यक्ति के पास ऐसा कार्ड पहले से न हो या उसके परिवार के किसी सदस्‍य का नाम किसी अन्‍य घरेलू उपभोक्‍ता कार्ड में न हो।
उत्तर: आप, अधिमानत: अपने नौकर की पुलिस वेरीफिकेशन करवाने के बाद अपने उपभोक्‍ता कार्ड में उसका नाम दर्ज करवा सकते हैं।
उत्तर: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्‍यम से बेची जाने वाली सभी विशिष्‍ट वस्‍तुओं के लिए केवल एक ही उपभोक्‍ता कार्ड अपेक्षित है।
उत्तर: दो पड़ोसियों की गवाही अथवा निरन्‍तर रहने का कोई अन्‍य प्रमाण प्रस्‍तुत किया जा सकता है।
उत्तर: ऐसे मामलों में, क्षेत्र के एसडीएम/ओथ कमिश्‍नर/नाटरी पब्लिक द्वारा सत्‍यापित शपथ-पत्र प्रस्‍तुत किया जा सकता है।
उत्तर: आपके घरेलू उपभोक्‍ता कार्ड पर उचित दर की दुकान/केरोसिन ऑयल डिपो का नम्‍बर उल्लिखित होगा। जबकि, आप अपना उपभोक्‍ता कार्ड प्राप्‍त करते समय सर्किल कार्यालय से उस उचित दर की दुकान का पता मालूम कर सकते हैं, जहां आपका कार्ड लिंक होगा।
उत्तर: आप अपना कार्ड नज़दीकी उचित दर की दुकान/केरोसिन ऑयल डिपो पर पंजीकृत करवाने के लिए एक विशेष फार्म में सर्किल कार्यालय को आवेदन दे सकते हैं।
उत्तर: घरेलू उपभोक्‍ता कार्ड, उसमें शामिल उन व्‍यक्तियों, जो आपूर्ति प्राप्‍त करते समय दिए गए पते पर वास्‍तव में रह रहे हैं, के वैध उपयोग के लिए है। घरेलू उपभोक्‍ता कार्ड में उल्लिखित किसी व्‍यक्ति, जो एक महीने से अधिक समय तक घर में न रह रहा हो, के बारे में घरेलू उपभोक्‍ता कार्डधारक द्वारा उस सर्किल, जहां वह रह रहा है, के एफ.एस.ओ. को तत्‍काल सूचित किया जाएगा और यदि उस व्‍यक्ति के लम्‍बे समय तक घर से बाहर रहने की सम्‍भावना है तो उसका नाम घरेलू उपभोक्‍ता कार्ड से कटवाने के लिए तत्‍काल कार्ड प्रस्‍तुत किया जाएगा।
उत्तर: देश में अंत्योदय अन्न योजना (ए.ए.वाई.) वाले परिवारों सहित गरीबी रेखा के नीचे (बी.पी.एल.) के परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के तहत 35 किग्रा प्रति परिवार प्रति माह की दर से खाद्यान्नों (गेहूं और चावल) का आबंटन किया जाता है। गरीबी रेखा से ऊपर (ए.पी.एल.) के परिवारों को खाद्यान्नों का आबंटन केंद्रीय पूल में खाद्यान्नों के स्टॉक की उपलब्धता तथा राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों द्वारा खाद्यान्नों के उठान पर निर्भर करता है। राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के ए.पी.एल. परिवारों को 15 से 35 किग्रा प्रति परिवार प्रति माह की सीमा में आबंटन किया जाता है।
उत्तर: उचित दर की दुकानों पर बेची जाने वाली सभी वस्‍तुओं के सरकार द्वारा निर्धारित किए गए मूल्‍यों को दुकान के नोटिस बोर्ड पर लिखा जाता है।
उत्तर: अंत्‍योदय अन्‍न योजना, भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिनांक 25 दिसम्‍बर, 2000 को आरम्‍भ की गई थी। यह स्‍कीम, सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, अगले पांच वर्षों में भुखमरी रहित भारत बनाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार लाने, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्धन से निर्धन व्‍यक्ति भी इसका लाभ उठा सकें, के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अंत्‍योदय अन्‍न योजना निर्धन से निर्धन व्‍यक्तियों के लिए चलाई जा रही है। अनुमान है कि कुल जनसंख्‍या के 5%लोगों को वर्षभर में दो वक्‍त का भोजन भी नहीं मिल पाता। उनकी क्रयशक्ति इतनी कम है कि वे गरीबी रेखा से नीचे की दरों पर भी वर्षभर अनाज नहीं खरीद पाते। यही वे 5% लोग (5 करोड लोग अथवा 1 करोड परिवार) हैं, जिन्‍हें अंत्‍योदय अन्‍न योजना के लिए लक्षित समूह में रखा गया है।